UN में पठानकोट के गुनहगार अजहर पर बैन की कोशिश नाकाम, किसने लगाया अड़ंगा

वॉशिंगटन. पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड और जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर बैन लगाने की भारत की कोशिश एक बार फिर नाकाम हो गई है। चीन ने एक बार फिर यूएन की कमेटी से मसूद को बैन किए जाने का विरोध किया। बता दें कि मसूद को बैन करने के लिए भारत ने यूएन से अपील की थी।
15 में से 14 देश थे भारत के सपोर्ट में….
 – यूएन कमेटी में अजहर मसूद को बैन करने पर फैसला होना था। कमेटी में शामिल 15 में से 14 देश इसके हक में थे।
– बैन के सपोर्ट में अमेरिका, यूके और फ्रांस जैसे देश थे। सिर्फ चीन ने इसके विरोध में वीटो कर दिया।
– हैरानी की बात ये है कि चीन ने इसकी वजह भी नहीं बताई। माना जाता है कि चीन ने पाकिस्तान की वजह से ऐसा किया।
– भारत सरकार के मुताबिक, बैन करने के फैसले से पहले चीन ने पाकिस्तान से बात की थी।
– बता दें कि पाकिस्तान इस कमेटी का मेंबर नहीं था। लिहाजा चीन ने फैसले के खिलाफ वीटो कर इसे रुकवा दिया।
– इससे पहले भारत ने यूएन कमेटी से कहा था कि अजहर को बैन न करने से भारत और साउथ एशिया के दूसरे देशों पर खतरा मंडराता रहेगा।
भारत ने क्या कहा?
– यूएन में भारत के परमानेंट रिप्रिजेंटेटिव सैय्यद अकबरुद्दीन ने कहा, ” इस मसले को हम ऐसे छोड़ने वाले नहीं हैं।”
– उन्होंने कहा, “मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि हम मसूद को बैन करवाने की पूरी कोशिश करेंगे।”
जेआईटी अब भी खोज रही सबूत
– इसी बीच, पठानकोट हमले की जांच कर रही पाकिस्तान ज्वाइंट इनवेस्टिगेटिंग टीम (जेआईटी) ने कहा कि वह अभी भी इस हमले से मसूद अजहर के लिंक के सबूत खोज रही है।
– टीम को मसूद के वॉयस सैम्पल दिए जा चुके हैं। लेकिन जेआईटी का कहना है कि अभी इस वैरिफाइ करना बाकी है।
– भारत ने पहले कहा था कि मसूद और उसका भाई अब्दुल असगर रउफ इस हमले से सीधा जुड़े थे।
– इन्होंने अटैक की प्लानिंग बहावलपुर में संंगठन के हेडक्वार्टर में की थी।
कौन है मसूद अजहर?
– मसूद अजहर वही आतंकी है, जिसे 1999 में हाईजैक हुए इंडियन एयरलाइन्स के प्लेन को छुड़ाने अफगानिस्तान के कंधार ले जाकर रिहा किया गया था।
– पठानकोट के एयरबेस पर हमला करने वाले आतंकियों ने पाकिस्तान के बहावलपुर में सैटेलाइट फोन के जरिए बातचीत की थी।
– मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजहर बहावलपुर में ही रहता है। यहीं जैश के आतंकियों को ट्रेनिंग देता है। पाकिस्तानी एजेंसियों ने उसे वहीं से हिरासत में लिया।
पठानकोट हमले में अब तक क्या हुआ?
 1. कब हुआ हमला?
– 2 जनवरी की सुबह 6 पाकिस्तानी आतंकियों ने पठानकोट एयरबेस पर हमला किया। इसमें 7 जवान शहीद हो गए।
– 36 घंटे एनकाउंटर और तीन दिन कॉम्बिंग ऑपरेशन चला।
– यह बात सामने आई कि हमले का मास्टरमाइंड जैश-ए-मोहम्मद का चीफ मौलाना मसूद अजहर है।
– अजहर को 1999 में कंधार प्लेन हाईजैक केस में पैसेंजरों की रिहाई के बदले छोड़ा गया था।
2. पाक ने पहले किया इनकार
– पाकिस्तान शुरुआत में इस बात से इनकार करता रहा कि पठानकोट हमले को अंजाम देने आए आतंकी उसके मुल्क से नहीं घुसे थे।
3. बाद में भारत ने सौंपना शुरू किए सबूत
– हमले के बाद भारत ने सबूत दिए कि 1 जनवरी को सुबह 9.20 बजे नासिर नाम के आतंकी ने ज्वैलर राजेश वर्मा के मोबाइल फोन से पाकिस्तान के नंबर +92-3000957212 पर कॉल किया था।
– राजेश वही ज्वैलर है, जो गुरदासपुर के पूर्व एसपी सलविंदर सिंह के साथ उस कार में मौजूद था, जिसे आतंकियों ने हाईजैक कर लिया था।
– आतंकी नासिर ने अपने भाई बाबर, चाचा और मां से करीब 18 मिनट बात की थी।
– भारत ने इसके अलावा आतंकियों की बातचीत के कॉल डिटेल्स भी पाक को सौंपे।
4.FIR में नहीं था अजहर का नाम
– पठानकोट आतंकी हमले के डेढ़ महीने बाद पाकिस्तान में एक एफआईआर दर्ज की गई थी। हालांकि, इसमें मौलाना मसूद अजहर का नाम नहीं है।
– हमले के बाद पाकिस्तान में बनी एसआईटी ने सिफारिश में कहा था कि जैश-ए-मोहम्मद के चीफ और हमले के मास्टरमाइंड अजहर पर भी एफआईआर होनी चाहिए।
5. अजीज ने माना- प्रोटेक्टिव कस्टडी में है मसूद
– अजीज ने फरवरी में एक चैनल को दिए इंटरव्यू में पहली बार माना कि जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर पाकिस्तान की कस्टडी में है। उसे 14 जनवरी को डिटेन किया गया था।
– अटैक के दौरान इस्तेमाल किया गया एक सिम एक्टिव है, जबकि बाकी एक्टिव नहीं हैं। मोबाइल नंबर की लोकेशन्स जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वार्टर की मिली है।
किस हाईजैकिंग केस में छोड़ा गया था अजहर?
 – अजहर वही आतंकी है, जिसे 16 साल पहले प्लेन हाईजैक किए जाने के बाद कंधार में छोड़ा गया था।
– 24 दिसंबर, 1999 को पांच हथियारबंद आतंकवादियों ने 178 पैसेंजरों के साथ इंडियन एयरलाइन्स के आईसी-814 प्लेन को काठमांडू से हाईजैक किया था।
– प्लेन को अमृतसर, लाहौर और दुबई के रास्ते अफगानिस्तान के कंधार एयरपोर्ट ले जाया गया था।
– आतंकियों ने भारत सरकार से 178 पैसेंजरों को छोड़ने के बदले तीन आतंकियों की रिहाई का सौदा किया।
– उस वक्त की अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पैसेंजरों की जान बचाने के लिए तीनों आतंकियों को छोड़ने का फैसला किया।
– भारत की जेलों में बंद आतंकी मौलाना मसूद अजहर, मुश्ताक अहमद जरगर और अहमद उमर सईद शेख को कंधार ले जाया गया था।
रिहाई के बाद अजहर ने क्या किया?
– रिहाई के बाद अजहर तालिबान की मदद से अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान पहुंचा। उसने कश्मीर में इंडियन फोर्स से लड़ने के लिए 2000 में जैश-ए-मोहम्मद बनाया।
– यह भी आरोप लगता रहा है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई जैश के आकाओं की मदद करती है।
– 2001 में पार्लियामेंट में हुए आतंकी हमले में अजहर प्राइम सस्पेक्ट था।
– उस वक्त पाकिस्तान ने अजहर के खिलाफ कार्रवाई करने और उसे भारत को सौंपने से इनकार कर दिया था।
– खुफिया एजेंसियां मानती हैं कि पाकिस्तानी मिलिट्री अजहर जैसे आतंकियों को कोल्ड स्टोरेज में रखती हैं, जो उन्हें भारत के खिलाफ लड़ाई में मदद करते हैं। मिलिट्री उन्हें कट्टरपंथी के रूप में पेश करती है, ताकि उन पर कार्रवाई न करनी पड़े।

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