UP असेंबली में एक्सप्लोसिव: NIA जांच कराएंगे योगी, MLAs से 7 अपील

लखनऊ. विधायकों के लिहाज से देश की सबसे बड़ी यूपी विधानसभा में PETN नाम का एक्सप्लोसिव मिला है। ये वही एक्सप्लोसिव है जिसका 6 साल पहले दिल्ली हाईकोर्ट में हुए ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ था। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सुबह खुद विधानसभा में इस बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले सेशन के बाद संदिग्ध व्हाइट पाउडर मिला था। डॉग स्क्वॉड भी उसकी पहचान नहीं कर पाया। फॉरेंसिक लैब में पाउडर के PETN एक्सप्लोसिव होने की पुष्टि हुई। योगी ने कहा कि जो एक्सप्लोसिव मिला वह 150 ग्राम था और विपक्ष के नेता की कुर्सी के पास रखा हुआ था। अगर ये 500 ग्राम होता और उसमें धमाका होता तो पूरी विधानसभा उड़ सकती थी। अब योगी चाहते हैं कि इस मामले की जांच NIA से हो।
विधायकों से योगी की अपील…
1) सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन हो।
2) विधानसभा में सिक्युरिटी के लिए नई गाइडलाइन जारी हो।
3) विधायक फोन लेकर सदन के अंदर ना आएं, लाएं तो साइलेंट करें।
4) बिना पास के विधानसभा में एंट्री बैन हो।
5) जिम्मेदार और जवाबदेह लोगों को सिक्युरिटी सौंपी जाए।
6) यूनीफॉर्म सिक्युरिटी सिस्टम होना चाहिए।
7) सभी विधायक सिक्युरिटी चेक में सहयोग करें।
विपक्ष के नेता की सीट के पास मिला था पाउडर
– यह मामला 12 जुलाई का है। क्लीनिंग स्टाफ को यूपी विधानसभा में विपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी की सीट के पास कागज की पुड़िया में एक्सप्लोसिव मिला।
– इसके बाद सीएम ने गुरुवार शाम 4 बजे डीजीपी, प्रिंस‍िपल सेक्रेटरी, असेंबली सेक्रेटरी, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सह‍ित कई सीन‍ियर अफसरों की इमरजेंसी मीट‍िंग बुलाई।
– शुक्रवार सुबह योगी ने विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद सबसे पहले इसी बारे में खुलासा किया।
पाउडर मिलने के बाद भी हुई लापरवाही
– एडीजी इंटेलिजेंस भावेश कुमार ने कहा कि पूरे मामले की मॉनिटरिंग डीजीपी खुद कर रहे हैं।
– सोर्सेस के मुताबिक, “संदिग्ध पाउडर के बारे में गुरुवार को दोपहर को जानकारी मिली। लेकिन, इसके बावजूद अफसर तुरंत एक्शन लेने की बजाय सेक्रेटेरिएट खाली होने का इंतजार करते रहे। असेंबली और सेक्रेटेरिएट के ज्यादातर अधिकारी-कर्मचारियों के जाने के बाद इन्वेस्टिगेशन टीम्स को बुलाया गया।”
सदन में क्या बोले योगी?
– योगी ने कहा, “पूरे विधानसभा भवन को उड़ाने के लिए 500 ग्राम PETN पर्याप्त है। कौन लोग लेकर आए हैं? जनप्रतिनिधियों को विशेषाधिकार दिया गया है, तो उसका ऐसा इस्तेमाल होगा? ये बुरी स्थिति है। हम अब तक बाहर की सुरक्षा के लिए चिंतित थे। इस दौरान गुरुवार को जो चीजें सामने आईं, वो गंभीर हैं। मेरा आग्रह है कि इस विधानभवन में तैनात कर्मचारियों का वैरिफिकेशन होना चाहिए।”
– “क्या हम किसी व्यक्ति को ऐसी छूट दे सकते हैं कि 403 विधायकों की सुरक्षा से खिलवाड़ करे? पूरी विधानसभा, कर्मचारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करे? जो इस प्रकार की शरारत पर उतर आया है कि सुरक्षा को चुनौती दे? ये तय होना चाहिए कि हम लोग किसी एक व्यक्ति के लिए या किसी को खुश करने के लिए या तुष्टिकरण के लिए 503 जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों-कर्मचारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने की छूट नहीं दे सकते।”
– “हम सभी का सहयोग चाहते हैं। ये विस्फोटक सामान्य रूप से पता नहीं लग सकता। फिजिकली चेक करने पर ही पता चलेगा। डॉग स्क्वॉड पहुंचा तो वो भी उसकी पहचान नहीं कर पाया, लैब में पहुंचने के बाद पता लगा कि ये खतरनाक PETN विस्फोटक है। ये खतरनाक आतंकी साजिश का हिस्सा है और इसके पीछे कौन लोग हैं, इसका पता करना होगा।”
– “हम चाहते हैं कि विधानसभा के सभी कर्मचारियों को पुलिस वेरिफिकेशन हो और NIA जैसी संस्था इस मामले की जांच करे।”
प्रदेश की 22 करोड़ जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़
– योगी ने कहा, “ये प्रदेश की 22 करोड़ जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है, जिसने ये किया है उसे सजा मिलनी चाहिए।”
– “मैं सभी मेंबर्स से कहूंगा कि ये आपकी सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है और आप इसमें सहयोग करें। अगर विधानभवन के अंदर आ रहे हैं तो हमें सुरक्षा जांच करने में संकोच नहीं करना चाहिए। जिस विधानसभा में हमें पब्लिक से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा करनी चाहिए, आज वहां हमें अपनी सुरक्षा में सेंध लगने के बारे में विचार करना पड़ रहा है। ये लोग कौन हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।”
– “अभी तक विधानसभा की थ्री लेयर सिक्युरिटी है। सचिवालय की अलग, विधानभवन के बाहर अलग और विधानसभा में मार्शलों की अलग। इनमें कोई कोऑपरेशन नहीं है। यूपी में सबसे बड़ी देश की विधानसभा है, इसके बावजूद इसकी सुरक्षा पर अभी तक ध्यान नहीं दिया गया। कहीं ना कहीं हमें सावधानी हमें बरतनी चाहिए।”
स्पीकर बोले- अभी भी बज रहा है मोबाइल
– स्पीकर ने कहा, “मैंने पहले भी आग्रह किया था कि सदन की कार्यवाही के दौरान यहां मोबाइल नहीं बजना चाहिए। अभी भी मोबाइल बज रहा है।”
– एक मेंबर ने सवाल उठाया कि जब विधानसभा के अंदर जैमर लगा है तो कैसे मोबाइल बज जाता है?
PETN के बारे में 5 प्वाइंट में जानिए
1) क्या होता है?

पेंटाएरीथ्रीटोल ट्राइनाइट्रेट यानी PETN बेहद पावरफुल प्लास्टिक एक्सप्लोसिव है। ये व्हाइट पाउडर चरमपंथियों, आतंकियों के बीच पॉपुलर है, क्योंकि ये ब्लैक मार्केट में आसानी से मिलता है और चेक प्वाइंट्स पर इसकी जांच बेहद मुश्किल है।
2) भारत में इस्तेमाल कब हुआ?
– 7 सितंबर 2011 को दिल्ली हाईकोर्ट में हुए ब्लास्ट में PETN का इस्तेमाल किया गया था। इस ब्लास्ट में 17 लोग मारे गए थे और 76 लोग घायल हुए थे। इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि ब्लास्ट में PETN की काफी कम मात्रा इस्तेमाल की गई थी, लेकिन उसने काफी बड़ा नुकसान किया।
3) जांच मुश्किल क्यों?
– दिल्ली HC ब्लास्ट के बाद तब इंटरनल सिक्युरिटी सेक्रेटरी रहे यूके बंसल ने बताया था कि लो मॉलीक्यूल्स होने के चलते PETN मेटल डिटेक्टर में पकड़ नहीं आता। स्निफर डॉग्स भी कई बार इसे नहीं पकड़ पाते हैं।
4) क्यों खतरनाक है?
– सिक्युरिटी इक्विपमेंट्स की पकड़ में ना आने की वजह से PETN आतंकवादियों की पसंद है। इसकी केवल 100 ग्राम मात्रा ही एक कार में ब्लास्ट करने के लिए काफी है।
5) कब-कब इस्तेमाल हुआ?
2001:
शू बॉम्बर के नाम से मशहूर टेररिस्ट रिचर्ड रीड ने मियामी से जाने वाले अमेरिकन एयरलाइंस जेट पर इसका इस्तेमाल किया था।
2009: अलकायदा मेंबर उमर फारुख अब्दुलमुतल्लब ने नॉर्थवेस्ट जाने वाली एक फ्लाइट में PETN के इस्तेमाल की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहा। वो अपने अंडरवियर में एक्सप्लोसिव छिपाकर ले गया था और पकड़ा गया।
2010: इस साल अक्टूबर महीने में यमन से अमेरिका जाने वाले एक कार्गो प्लेन में PETN मिला था।
2011: दिल्ली हाईकोर्ट में ब्लास्ट किया गया।

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