UP चुनाव के चलते बैकफुट पर सरकार, मलिक से हट सकता है देशद्रोह का केस

पानीपत। उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के चलते हरियाणा सरकार एक बार फिर बैकफुट पर नजर आ सकती है। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि गुरुवार को दिल्ली में हुई बैठक में भाजपा नेतृत्व ने सीए मनोहर लाल खट्टर को नरम रुख अपनाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में सरकार यशपाल मलिक व कुछ अन्य पर लगे देशद्रोह के केस वापिस ले सकती है।
मांगों पर अड़े जाट नेता, नए सिरे से हो सकती है जांच
– फरवरी में हुए आंदोलन के दौरान हिंसा में शामिल आरोपियों पर चल रहे मुकदमों की नए सिरे से समीक्षा हो सकती है।
– भाजपा नेताओं ने जाट आरक्षण को 9वीं अनुसूची में भी शामिल करवाने के लिए भी जाट नेताओं को आश्वासन दिया है।
– वहीं जाट नेता अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक सरकार लोगों पर दायर मुकदमे वापिस नहीं लेती और जेलों में बंद लोगों को बाहर नहीं निकालती, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे।
– गुरुवार को सरकार और जाट नेताओं की बैठक के बाद भी 5 जून को होने वाले आंदोलन के लिए जाट नेताओं ने सरकार को सिर्फ इतना आश्वासन दिया है कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा।
– पंचकूला में खाप और सरकार के बीच हुई बैठक के बाद खाप पंचायतों ने 5 जून को होने वाले आंदोलन से अलग करते हुए आंदोलन में हिस्सा न लेने का फैसला किया है।
मई में यशपाल मलिक पर दर्ज हुआ था देशद्रोह का मुकदमा
हरियाणा में शांति व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द पर कथित रूप से खतरे को लेकर जींद में पुलिस ने 27 मई को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक समेत लगभग 125 लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया था। प्रदेश में कानून व्यवस्था के लिए खतरा देखते हुए पुलिस ने यशपाल मलिक समेत अनेक लोगों के खिलाफ भादंवि की धारा 124 ए, 153 ए (1) और 153 बी के तहत मामला दर्ज कर रखा है।

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