नई दिल्ली। वैंसे तो देश में मानसून पूर्ण रूप से जुलाई के पहले सप्ताह में पूर्ण रूप से सक्रिय हो जाता था। लेकिन इस वर्ष मानसून टुकड़ों में अपनी सक्रियता दिखा रहा है। जिससे कई स्थानों पर बाढ़ से हालात है तो कई स्थानों पर गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है। हलांकि देश की राजधानी में मानसून की सक्रियता बढऩे से लोगों को गर्मी से निजात मिली है। वहीं उत्तर भारत में भारी बारिश ने मुशीबतें खड़ी कर दी है। जहां जम्मू कशमीर में बादल फटने की घटना हुई तो हिमाचल के धर्मशाला में भी ऐसे ही हालात निर्मित हुए है। अगर बात की जाए वज्रपात की तो देश के अलग-अलग कोनों से लगभग 40 लोगों की जान चली गई है। वहीं अकेले राजस्थान के आमेर में 11 लोगों की जान चली गई। जिस पर प्रधानमंत्री ने भी दुख व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय राहत कोष से आर्थिक मदद करने की बात कही है।
इधर दक्षिण-पश्चिम मॉनसून कब दिल्ली-एनसीआर पहुंचेगा इसकी चिंता लोगों को सताने लगी है। मौसम विभाग भी लगातार मॉनसून के लेट होने की बात कह रहा है, लेकिन मौसम विज्ञानियों ने अब प्रबल संभावना जताई है कि अगले 24 घंटे या कल तक दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में मॉनसून के बादल बरसने शुरू हो जाएंगे। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी महेश पालावत भी कहते हैं कि क्षेत्र में मॉनसून की सभी मौसमी परिस्थितियां तो बनी हुई हैं, केवल बादलों के बरसने की देरी है। अगले 24 घंटे या कल तक राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्र में बारिश होने की प्रबल संभावना है।
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढऩे के लिए परिस्थितियां अनुकूल
मौसम विभाग एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ और हिस्सों में 12 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढऩे के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। अगले 48 घंटों के दौरान देश के शेष हिस्सों में भी दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढऩे के लिए स्थितियां भी अनुकूल होती जा रही हैं। यानि उनका भी कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी में अगले 24 घंटे बारिश के लिहाज से सकारात्मक प्रभाव दिख रहे हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में व्यापक रूप से व्यापक वर्षा होने की संभावना है।

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