एंड्रॉयड को छोडऩे की तैयारी में सैमसंग

तैयारी
टाइजन ऑपरेटिंग सिस्टम आधारित स्मार्टफोन लाने की तैयारी
अगस्त के दौरान आएगा सैमसंग का यह स्मार्टफोन
ऐसे में एंड्रॉयड और एप्पल के सामने होगी एक बड़ी चुनौती

स्मार्टफोन की भीड़ में अपनी अलग पहचान बनाने के लिए सैमसंग ने गूगल के एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म का सहारा लिया। कंपनी को इसमें सफलता भी मिली। यही वजह है कि दक्षिण कोरिया की इस दिग्गज कंपनी के 96 फीसदी स्मार्टफोन इसी  ऑपरेटिंग सिस्टम पर आधारित हैं।

हालांकि मौजूदा समय में एंड्रॉयड इस्तेमाल करने वाली सैमसंग कोई अकेली कंपनी नहीं रह गई हैं। लिहाजा मोबाइल बाजार में एक बार फिर से अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए सैमसंग ऑपरेटिंग सिस्टम में बदलाव करने की तैयारी में है। कंपनी इंटेल आधारित ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म टाइजन पर अपने हाई एंड स्मार्टफोन लांच करने की तैयारी कर रही है। सैमसंग का यह नया स्मार्टफोन अगस्त में आ जाएगा।

यह उन लोगों के लिए अच्छी खबर है जो खुले दिमाग से नई तकनीक को अपनाते हैं और इसकी तलाश में रहते हैं। अगर ऐसा होता है तो, ऑपरेटिंग सिस्टम के बाजार में एप्पल और गूगल के सामने एक और बड़ी चुनौती मौजूद होगी। गौरतलब है कि एप्पल को सैमसंग से पहले ही बड़ी चुनौती मिल रही है क्योंकि हाई एंड स्मार्टफोन की श्रेणी में भी उपभोक्ता सैमसंग का रुख कर रहे हैं।

आसान नहीं होगा एंड्रॉयड का विकल्प लाना  
एंड्रॉयड की लोकप्रियता का आलम यह है कि इसने आईओएस को भी पछाड़ दिया है। ऐसे में सैमसंग के लिए इसका विकल्प लाना आसान नहीं होगा। इसकी कई वजह हैं।

आईओएस की तुलना में एंड्रॉयड काफी फ्लेक्सिबल ऑपरेटिंग सिस्टम हैं। कहने का मतलब यह है कि आप अपने फोन को जरूरत के हिसाब से कस्टमाइज कर सकते हैं। आईओएस की तुलना में एंड्रॉयड देखने में भी काफी अच्छा है।

गूगल द्वारा एंड्रॉयड 4 में अपनाई गई आइसक्रीम सैंडविच की डिजाइन लैंग्वेज काफी साफ और संवेदनशील है। इसके मुकाबले आईओएस का ऑपरेटिंग सिस्टम बोरिंग नजर आता है।

आईओएस के मुकाबले एंड्रॉयड बहुत सी चीजें कर सकता है। उदाहरण के तौर पर इसका नोटिफिकेशन सिस्टम काफी बेहतर है, एप्स एक दूसरे से सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा यूजर फाइल सिस्टम एक्सेस कर सकते हैं। इसमें लॉक इन स्क्रीन कस्टमाइज की जा सकती है। इतना ही नहीं, गूगल की सेवाएं एंड्रॉयड में काफी बेहतर तरीके से काम करती है।