भोपाल। विदिशा जिले के गंजबासौदा में 24 घंटे से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन समाप्त हो गया है। बचाव दल ने कुएं के मलबे में दबे अंतिम सभी 11 लोगों के शवों को बाहर निकाल लिया हैं। बतादें कि घटना के समयलगभग 31 लोग में कुएं में के मलबे में दब गए थे। जिसमें से 20 लोगों की जान बचाव दल के प्रयासों से बचा ली गई। जिनका उपचार हेतु स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल हरकत में आए, साथ ही उचित निर्देश दिए। यही कारण रहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ हदसा होने कुछ घंटों बाद ही मौके पर पुहंच कर बचाव कार्य प्रारंभ कर दिया। लगभग 26 घंटों तक चले बचाव कार्य में कुएं में सबसे पहले गिरे 14 साल के बच्चे रवि का शव सबसे आखिरी में मिला, जिसे बचाने की कोशिश में यह हादसा हुआ था। हादसे में एक पिता-पुत्र समेत 11 लोगों की मौत हो हुई है।

गौरतलब हो कि हादसा गुरुवार शाम करीब 6.30 बजे हुआ था। जब रवि नाम का एक लडक़ा पानी भरते समय कुएं में जा गिरा था। उसे बचाने के लिए कुएं पर देखते ही देखते लोगों की भीड़ शुरू हो गई थी। जर्जर हुए कुएं पर वजन बढऩे से कुएं का एक हिस्सा धंस गया, जिससे कुएं की पार पर खड़े लगभग 31 लोग भरभरा कर कुएं में समा गए। रात 10 बजे हृष्ठक्रस्न, स्ष्ठक्रस्न की टीमें पहुंचीं थी। एडीजीपी, साईं मनोहर ने 11 शव निकाले जाने की पुष्टि की है। 20 अन्य लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। रेस्क्यू के दौरान घटनास्थल पर मंत्री और अफसरों का जमावड़ा देखकर रवि का मां का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने हाथ फैलाते हुए कहा, ‘जब मेरा बच्चा गिरा तब कहां थे? मेरा एक ही बेटा है।’

रात से ही चल रहा है ऑपरेशन
रात को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी विदिशा जिले में ही थे। उन्होंने मौके पर अधिकारियों को रवाना कर दिया था।

विदिशा के प्रभारी मंत्री विश्वास सारंग भी भोपाल से विदिशा पहुंचे। शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवार वालों को 5 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार की सहायता का ऐलान किया। बचाव कार्य में भोपाल, रायसेन, विदिशा, अशोकनगर जिले की टीमों का अहम योगदान रहा।

 

 

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