नईदिल्ली। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान को मंजूरी दी है, जिसमें मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए इसकी शुरुआत, कार्यान्वयन, निगरानी और समर्थन तंत्र के लिए संस्थागत ढांचा स्थापित करना शामिल है।

प्रधानमंत्री ने 13 अक्टूबर, 2021 को मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम गतिशक्ति एनएमपी का शुभारंभ किया। कार्यान्वयन ढांचे में सचिवों का अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएस), नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) और आवश्यक तकनीकी दक्षताओं से परिपूर्ण तकनीकी सहायता इकाई (टीएसयू) शामिल हैं।

ईजीओएस की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करेंगे और इसमें सदस्य के रूप में 18 मंत्रालयों के सचिव और सदस्य संयोजक के रूप में लॉजिस्टिक विभाग के प्रमुख शामिल होंगे। ईजीओएस लॉजिस्टिक क्षमता को सुनिश्चित करने के लिए पीएम गतिशक्ति एनएमपी के कार्यान्वयन की समीक्षा और निगरानी करेगी। इसे एनएमपी में किसी भी अनुवर्ती संशोधन के लिए रूपरेखा और मानदंड निर्धारित करने का अधिकार है। ईजीओएस विभिन्न गतिविधियों को एक ही समय पर संचालित करने के लिए प्रक्रिया और अंतिम रूपरेखा भी निर्धारित करेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि अवसंरचना विकास की विभिन्न पहल इस संयुक्त एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म का हिस्सा बनें। ईजीओएस विभिन्न मंत्रालयों जैसे इस्पात, कोयला, उर्वरक, आदि की आवश्यकता पर थोक माल के कुशलतापूर्वक परिवहन की मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक कार्यों को भी देखेगा।

सीसीईए ने नेटवर्क योजना समूह (एनपीजी) के गठन, संरचना और अधिकार क्षेत्र को भी मंजूरी दे दी है। एनपीजी में संबंधित अवसंरचना मंत्रालयों की नेटवर्क योजना इकाइयों के प्रमुख शामिल हैं और यह ईजीओएस की सहायता करेगा।

इसके अलावा, नेटवर्कों के समग्र एकीकरण में शामिल जटिलताओं को देखते हुए, किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कार्यों के दोहराव से बचने के लिए योजना की प्रभावोत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ सूक्ष्म योजना विवरण के माध्यम से लॉजिस्टिक लागत को कम करने हेतू आवश्यक दक्षताओं को प्रदान करने के लिए तकनीकी सहायता इकाई (टीएसयू) को मंजूरी दी गई है। टीएसयू के ढांचे को भी मंजूरी मिल गई है। टीएसयू में विमानन, समुद्री, सार्वजनिक परिवहन, रेल, सडक़ एवं राजमार्ग, बंदरगाह आदि जैसे विभिन्न अवसंरचना क्षेत्रों के प्रक्षेत्र विशेषज्ञ होंगे और शहरी एवं परिवहन योजना, संरचनाएं (सडक़, पुल और भवन), बिजली, पाइपलाइन, जीआईएस, आईसीटी, वित्त/बाजार पीपीपी, लॉजिस्टिक, डेटा विश्लेषण आदि विषयों के विशेषज्ञ (एसएमई) होंगे।

पीएम गतिशक्ति एनएमपी का उद्देश्य मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी और लास्ट माइल कनेक्टिविटी की समस्याओं को हल करने के लिए विभागीय दायरों को तोडऩा और परियोजनाओं की अधिक समग्र और एकीकृत योजना बनाकर उसे क्रियान्वित करना है। इससे लॉजिस्टिक लागत को कम करने में मदद मिलेगी। इससे उपभोक्ताओं, किसानों, युवाओं के साथ-साथ व्यवसायों में लगे लोगों को अधिक आर्थिक लाभ होगा।

इस मंजूरी के साथ, पीएम गतिशक्ति की शुरुआत और गति मिलेगी जिसके परिणामस्वरूप देश में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए समग्र और एकीकृत योजना ढांचा तैयार होगा।

मंत्रिमंडल की इस मंजूरी के साथ, पीएम गतिशक्ति विभिन्न हितधारकों को एक साथ लाएगी और परिवहन के विभिन्न माध्यमों को एकीकृत करने में मदद करेगी। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम गतिशक्ति एनएमपी केंद्र में समग्र सुशासन सुनिश्चित करेगी, जिसके केंद्र में भारत के लोग, भारत के उद्योग, भारत के निर्माता और भारत के किसान हैं।

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