बीजेपी उम्मीदवारों के नामांकन के बाद कल यानी 23 जनवरी से प्रचार में पूरी ताकत झोकने की तैयारी कर चुकी है. बीजेपी का नया नारा इस थीम पर केंद्रित होगा, ‘देश बदला है अब दिल्ली बदलेंगे.’ गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अघ्यक्ष जेपी नड्डा ने इसे हर नुक्कड और घर-घर तक पहुंचाने की रणनीति बनाई है. इसमें 5000 छोटी-छोटी सभाएं की जाएंगी, जिसमें 250-300 लोग भी मौजूद रहेंगे. इन सभाओं मे मोदी सरकार के तमाम मंत्री, प्रदेशों के बड़े नेता और स्टार प्रचारक भी हिस्सा लेंगे.

इन सभाओं में मोदी सरकार की उपलब्धियों को बताया जाएगा. साथ ही ये भी बताया जाएगा कि केजरीवाल ने केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने की कोशिशों में क्या-क्या रोड़े अटकाए. सबसे बड़ा उदाहरण है मेट्रों रेल का निर्माण. 17,000 करोड़ रुपये केंद्र ने खर्च किए और 136 किमी ट्रैक का निर्माण हुआ, जिसमें 50 लाख दिल्ली वासी हर रोज यात्रा करते हैं. इसे सफल बनाने में केजरीवाल ने कैसे बार-बार बाधाएं पैदा कीं.

जिस यातायात के धुएं से दिल्ली से लोगों की आंखों से पानी आता था, उससे निजात दिलाने में मोदी सरकार की ही भूमिका रही. ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे बना कर प्रदुषण फैलाने वाले वाहनों को दिल्ली के बाहर से निकालना शुरु कर दिया. बीजेपी का आरोप है कि दिल्ली सरकार को इसमें 3,000 करोड़ रुपये देने थे. यानि योजना कि कुल लागत का 10 फीसदी, लेकिन उन्होंने देरी भी की और पूरा हिस्सा देने से बचते रहे.

दिल्ली की सड़कें भी खस्ताहाल में हैं. दूसरी तरफ पराली को लेकर पर्यावरण मंत्रालय ने स्टैंड लिया, पटाखों को लेकर जागरुकता अभियान चलाया, लेकिन दिल्ली सरकार अपने कूड़े के डंप पर लगाम नहीं लगायी और दिल्ली उद्धोग विकास निगम के इलाके में आग और धुंआ निकलता ही रहा.

फ्री बिजली, पानी और मोहल्ला क्लीनिक को लेकर भी घेरेगी बीजेपी

सूत्रों की मानें तो बीजेपी के रणनीतिकारों का मानना हैं कि दिल्ली सरकार की मुफ्त बिजली योजना एक ऐसा मुद्दा है जिसकी निंदा करना संभव नहीं है. बल्कि बीजेपी इसके विपरीत जनता को ये बताएगी की दिल्ली में मुफ्त बिजली की योजना सिर्फ एक साल का अनुबंध है केजरीवाल सरकार का बिजली कंपनियों के साथ, जो मार्च 2020 में खत्म होगा. इसलिए ये फैसला चुनावौं को ध्यान में रख कर किया गया है. अगर वो दोबारा वापस आते हैं तो फिर से पुराने बिल वापस आने लगेंगे. इसलिए भरोसा बीजेपी पर ही करना चाहिए.

बीजेपी अपने चुनाव प्रचार में बताएगी कि केंद्र सरकार ने मुफ्त में LED बांटी, उसके दाम में भारी कटौती कराई, ताकि घरों में इस्तेमाल कर बिजली बिल और कम आए. सूत्रों के मुताबिक पानी को लेकर भी बीजेपी चुनाव तक बड़ा कैंपेन चलाने की तैयारी में है. केजरीवाल ने साफ पानी का शिगुफा छोड़ा है ये साबित करने के लिए बीजेपी कार्यकर्ता हर दिन एक नए मोहल्ले से नल का पानी लेकर केजरीवाल को देने जाएंगे और कहेंगे पानी पीकर दिखाओ. ये साबित करेंगे की पानी के वायदे कितने झूठे हैं. इसलिए दिल्ली चुनाव प्रचार में बीजेपी का नारा होगा “फ्री नहीं साफ पानी चाहिए.”

अनाधिकृत कॉलोनियों को रेगुलराइज करने का मुद्दा भी बीजेपी को लगता है वोट उनकी तरफ खींचेगा, क्योंकि एक बड़ी संख्या में दिल्ली वासियों को इसका लाभ पहुंचा है. साथ ही दिल्ली की जनता को ये बताया जाएगा कि अगर बीजेपी की सरकार आती है तो वो गरीबों के सपनों को पूरा करेगी. इस पर पार्टी का नारा होगा “जहां झुग्गी वहां मकान.” यानि जहां गरीब की झोपड़ी हो वहीं पक्के मकान बना कर सरकार देगी. ये सुनिश्चित किया जाएगा कि वो जहां नौकरी कर रहे थे वहीं नौकरी करते रहें और बच्चे जिन स्कूलों में पढ़ रहे थे वहीं पढ़ते रहें. कॉलोनियों की हालत भी सुधर जाएगी.

राष्ट्रीय मुद्दों का भी दिल्ली में रहेगा बोल बाला

10 लाख से ज्यादा दुकानदारों यानी दस लाख घरों को लीजहोल्ड से प्रीहोल्ड करने का फैसला भी लोगों तक पहुंचाया जाएगा. बीजेपी के प्रचार में निशाने पर मोहल्ला क्लीनिक भी होंगे. बीजेपी कहेगी कि जिस मुफ्त इलाज का केजरीवाल दम भर रहे हैं वो सरकारी अस्पतालों में पहले से ही मुफ्त इलाज होता है. यहां तक कि गरीबों के लिए बनी आयुष्मान भारत योजना को भी केजरीवाल सरकार ने लागू नहीं किया. दिल्ली चुनाव में बीजेपी राष्ट्रीय मुद्दे को भी चुनाव प्रचार में शामिल करेगी.

नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली भर में प्रदर्शन चल रहे हैं. इसे आम आदमी पार्टी के लोगों ने गलत ठहराया है. भले ही केजरीवाल इस पर कुछ नहीं बोल रहे हों. पार्टी को लगता है इससे उनका वोट बैंक और मजबूत हो रहा है, इसलिए ये मुद्दा तो प्रचार में छाया रहेगा. कार्यकर्ता घर-घर जाएगें तो राम मंदिर और कश्मीर में धारा 370 हटाने के फैसले के बारे में भी लोगों को बताएंगे. साथ ही केजरीवाल पर ये भी आरोप लगाया जाएगा कि अन्ना के कंधे पर पांव रख मुख्यमंत्री बनने वाले केजरीवाल ने कैसे लोकपाल से किनारा कर लिया है.

Amod Rai

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