चैम्पियंस ट्रॉफी: ऑस्ट्रेलिया को रौंदकर सेमीफाइनल में पहुंचा श्रीलंका, भारत से होगी भिड़ंत

tatpar 18 june 2013

लंदन : श्रीलंका ने अनुभवी क्रिकेटर महेला जयवर्धने की नाबाद 84 रन की पारी के बाद अपने गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन से ग्रुप ए मैच में गत चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया को 20 रन से हराकर आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जगह बनायी। श्रीलंका ने जयवर्धने के 11 चौके जड़ित 81 गेंद के अर्धशतक से आठ विकेट पर 253 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम 42.3 ओवर में 233 रन पर सिमट गयी।

ऑस्ट्रेलिया को इंग्लैंड के साथ ग्रुप ए से सेमीफाइनल में पहुंचने के लिये इस लक्ष्य को 29.1 ओवर में हासिल करने की जरूरत थी, लेकिन टीम ऐसा नहीं कर सकी और टूर्नामेंट से बाहर हो गयी, जिससे श्रीलंका ने अगले दौर में जगह बना ली। अब 19 जून को पहला सेमीफाइनल इंग्लैंड (ग्रुप ए की शीर्ष टीम) और दक्षिण अफ्रीका (ग्रुप बी की दूसरी स्थान की टीम) के बीच होगा जबकि 20 जून को भारत (ग्रुप ए की शीर्ष टीम) की भिड़ंत श्रीलंका (ग्रुप बी में दूसरे स्थान की टीम) से होगी।

ऑस्ट्रेलिया ने सेमीफाइनल में पहुंचने के लिये तेजी से रन बनाने की कोशिश में जल्दी जल्दी विकेट खो दिये। टीम 29.1 ओवर में आठ विकेट पर 189 रन ही बना सकी और सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गयी।

श्रीलंका के लिये नुआन कुलशेखरा ने नौ ओवर में 42 रन देकर तीन विकेट हासिल किये जबकि रंगना हेराथ ने 48 रन देकर दो विकेट अपनी झोली में डाले। लसिथ मलिंगा, शमिंडा इरांगा, एंजेलो मैथ्यूज और तिलकरत्ने दिलशान के नाम एक एक विकेट रहा।

शेन वाटसन दूसरे ही ओवर में कुलशेखरा की गेंद पर बोल्ड हो गये। दूसरे सलामी बल्लेबाज फिल ह्यूज भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सके और इसी गेंदबाज की गेंद पर विकेटकीपर कुमार संगकारा को कैच दे बैठे। ग्लेन मैक्सवेल (35) ने टीम को संभालने का प्रयास किया और बीच बीच में शॉट लगाकर कुछ रन बटोरे। मलिंगा की धीमी यार्कर गेंद का उनके पास कोई जवाब नहीं था जिससे उनके लेग स्टंप उखड़ गये। मलिंगा की गेंद पर कप्तान जार्ज बेली निराशाजनक तरीके से रन आउट हुए। कुलशेखरा ने शॉर्ट फाइन लेग से शानदार क्षेत्ररक्षण का नमूना पेश किया।

मिशेल मार्श भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सके, वह 13वें ओवर में मैथ्यूज की ऑफ कटर पर बोल्ड हो गये जिससे ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 80 रन पर पांच विकेट हो गया। मैथ्यू वेड (23 गेंद में चार चौके और एक छक्के से 31 रन) ने कुछ शॉट खेलकर जल्दी जल्दी 31 रन बनाये।

कुलशेखरा को वेड के रूप में तीसरा विकेट मिला। जेम्स फाकनर 17 रन बनाकर रंगना हेराथ को विकेट देकर पवेलियन पहुंचे। एडम वोगेस (49) ने जरूर संभलकर बल्लेबाजी की, वह एक छोर पर डटे रहे जबकि दूसरे छोर पर विकेट गिरने का सिलसिला चलता रहा। उन्हें 31वें ओवर में हेराथ ने आउट किया।

क्लिंट मैके और जेवियर डोहर्टी 12 ओवर तक डटे रहे, इन दोनों की बल्लेबाजी देखकर ऐसा लग रहा था कि टीम गिरते पड़ते जीत दर्ज कर सकती है। दोनों ने दसवें विकेट के लिये ऑस्ट्रेलियाई पारी की सबसे बड़ी 41 रन की साझेदारी निभायी। दिलशान ने अपनी ही गेंद पर डोहर्टी का कैच लपका, जिसके बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों और दर्शकों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया।

इससे पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने के बाद ’मैन ऑफ द मैच’ जयवर्धने ने दिनेश चांदीमल के साथ छठे विकेट के लिये 65 रन की भागीदारी निभायी। चांदीमल ने 32 गेंद में एक चौके और एक छक्के से 31 रन जोड़े। श्रीलंका की शुरूआत काफी खराब हुई क्योंकि उसने महज 20 रन के स्कोर पर दो विकेट खो दिये थे। कुशाल परेरा तेज गेंदबाज मिशेल जानसन की गेंद पर पगबाधा आउट हुए।

मैके को कुमार संगकारा का महत्वपूर्ण विकेट मिला। यह अनुभवी श्रीलंकाई बल्लेबाज कवर क्षेत्र पर अपना पसंदीदा शाट खेलने के प्रयास में ग्लेन मैक्सवेल को कैच देकर पवेलियन पहुंचा।

सलामी बल्लेबाज दिलशान (58 गेंद में 34 रन) और लाहिरू थिरिमाने ने तीसरे विकेट के लिये 72 रन की भागीदारी निभाकर टीम को सही दिशा में आगे बढ़ाया। लेकिन बायें हाथ के स्पिनर डोहर्टी ने सलामी बल्लेबाज को आउट किया जिनका कैच स्लिप में वाटसन ने डाइव कर एक हाथ से लपका।

थिरिमाने ने संयम से खेलते हुए 86 गेंद में चार चौके से 57 रन बनाये। उन्हें जानसन ने अपना दूसरा शिकार बनाया। बाहर जाती शार्ट और तेज गेंद सीधे मिडविकेट पर वाटसन के हाथों में समां गयी। उनके आउट होने के बाद श्रीलंका का स्कोर चार विकेट पर 128 रन था, तभी जयवर्धने ने जिम्मेदारी संभाली।

श्रीलंकाई पूर्व कप्तान जयवर्धने ने बीच बीच में चौके जमाते हुए संभलकर खेलना जारी रखा, इसी बीच कप्तान मैथ्यूज (12) फाकनर की गेंद पर बोल्ड हो गये।

जयवर्धने ने मैक्सवेल की गेंदों पर लगातार दो खूबसूरत चौके जमाये। पहला उन्होंने कवर पर लगाया और फिर रिवर्स स्वीप से अपने स्कोर में चार रन का इजाफा किया। उन्होंने बायें हाथ के तेज गेंदबाज जानसन पर पारी के 44वें आवेर में दो चौके जड़े। इस बीच चांदीमल ने 32 गेंद में 31 रन का योगदान दिया और जानसन का तीसरा शिकार बने। नुआन कुलशेखरा और रंगना हेराथ भी जल्द ही आउट हो गये। जयवर्धने अंत तक डटे रहे। जानसन ने 48 रन देकर तीन विकेट प्राप्त किये जबकि मैके, फाकनर और डोहर्टी के नाम एक एक विकेट रहा।