वाॅशिंगटन. अमेरिका ने जनरल सुलेमानी की हत्या की जो वजहें बताईं, उनके पक्ष में अब तक सबूत पेश नहीं किए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दो दिन पहले ही बिना सबूतों के दावा किया था कि जनरल सुलेमानी बगदाद स्थित दूतावास के साथ पश्चिम एशिया में मौजूद 4 दूतावासों को निशाना बनाने वाला था। हालांकि, अब अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने ही ट्रम्प के इन दावों की पुष्टि करने से इनकार कर दिया है। एस्पर ने रविवार को एक चैनल से कहा, “मेरे सामने चार दूतावासों पर हमले की कोई बात सामने नहीं आई। इससे जुड़े कोई सबूत नहीं है।”

हालांकि, उन्होंने राष्ट्रपति के बयान का बचाव करते हुए कहा, “ट्रम्प की तरह ही मुझे भी लगता था कि वे हमारे दूतावासों को ही निशाना बनाएंगे। क्योंकि वे किसी भी देश में हमारी ताकत दिखाते हैं।”

ट्रम्प ने क्या दावा किया था?
ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा था, “मुझे लगता है कि वह चार दूतावासों पर हमले की साजिश रच रहा था। शायद बगदाद स्थित दूतावास पर भी हमले की साजिश थी।” हालांकि, सुलेमानी की हत्या के एक हफ्ते बाद भी ट्रम्प ने यह दावा बिना कोई सबूत या अन्य जानकारी दिए ही कर दिया। इससे पहले विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और ट्रम्प प्रशासन के अफसर सुलेमानी की हत्या पर कुछ ठोस नहीं कह पाए हैं। 

जनरल सुलेमानी की हत्या की वजह बताना जरूरी: यूएन
संयुक्त राष्ट्र चार्टर के आर्टिकल-51 के मुताबिक, किसी भी देश को दूसरे देश में कार्रवाई करने के बाद अपने पक्ष में सबूत पेश करने होते हैं। अमेरिकी प्रशासन अब तक जनरल सुलेमानी को मारने की सटीक वजहें नहीं बता पाया है। विदेश मंत्री पोम्पियो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि जनरल सुलेमानी पश्चिमी एशिया क्षेत्र में अमेरिकी अफसरों को निशाना बनाने वाला था, लेकिन उन्होंने इस बारे में आगे कोई जानकारी नहीं दी। जब उनसे पूछा गया कि सुलेमानी किस तरह से खतरा था, तो पोम्पियो ने मुद्दा दिसंबर में विद्रोहियों के हमले में मारे गए अमेरिकी कॉन्ट्रैक्टर की तरफ मोड़ दिया। 

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