भोपाल। दीक्षांत के उपरांत समाज-सेवा का संकल्प लेकर अपने जीवन की शुरुआत करें। यदि हम केवल अपने लिए जीते हैं तो वह जीवन का उद्देश्य नहीं है। मानव-सेवा और समाज-सेवा का संकल्प लेकर विद्यार्थी अपने जीवन की शुरुआत करें। के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने आज इंदौर में श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में यह बात कहीं। उन्होंने समारोह में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और अन्य विद्यार्थियों को उपाधि का वितरण भी किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग के अध्यक्ष डॉ. भरत शरण सिंह, विश्वविद्यालय के चांसलर पुरुषोत्तमदास पसारी एवं वाइस चांसलर डॉ. उपेंद्र धर आदि उपस्थित थे। 

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि श्री वैष्णव विद्यापीठ इंदौर का बहुत पुराना शैक्षणिक संस्थान है। इसे अनेक उपलब्धियाँ हासिल हैं। परोपकार और परमार्थ के क्षेत्र में यह संस्थान अग्रणी है। ऐसी जगह आकर उन्हें हार्दिक प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि दीक्षांत के बाद अब विद्यार्थी देश सेवा के लिए मुक्त हो गए हैं। अब अपने परिवार और संस्थान का नाम ऊँचा हो, ऐसा कार्य करें। 

राज्यपाल ने कहा कि विद्यार्थी अपने जीवन में ऐसा कोई काम नहीं करें, जिससे उनके माता-पिता, परिवार और समाज को कोई लांछन लगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की अगुवाई में राष्ट्र एक नई करवट ले रहा है। सबका साथ सबका विकास और सब के प्रयासों से राष्ट्र निर्माण के भाव के साथ देश में कार्य हो रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों में हम सब को भी राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी चाहिए। दीक्षांत समारोह के प्रारंभ में पुरुषोत्तमदास पसारी ने स्वागत भाषण दिया एवं वाइस चांसलर डॉ. उपेंद्र धर ने विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

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