वाराणसी. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी शुक्रवार को वाराणसी पहुंचीं। एयरपोर्ट से राजघाट के रास्ते में गाड़ी रोककर स्थानीय लोगों से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने रविदास मंदिर में पूजा की। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और मीडिया को मंदिर से दूर रखा गया। इसका कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। महिला कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर आरोप लगाया कि वे उन्हें प्रियंका से मिलने नहीं दे रहे।

नाव से पंचगंगा श्रीमठ पहुंचीं
करीब आधे घंटे मंदिर में रहने के बाद प्रियंका नाव से पंचगंगा घाट स्थित श्रीमठ पहुंचीं। यहां उन्होंने सीएए विरोध के दौरान गिरफ्तार चंपक के माता-पिता एकता और रवि से मुलाकात की। 19 दिसंबर को सीएए के विरोध में रैली के दौरान एकता-रवि समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था। 13 दिन बाद उन्हें जमानत मिली थी। इस दौरान 14 महीने की बच्ची चंपक रिश्तेदारों के पास रही थी। यह मामला मीडिया की सुर्खियों में रहा था।

इसके साथ ही प्रियंका ने मठ में बीएचयू के छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों से भी बातचीत की। उन्होंने संपूर्णानंद संस्‍कृत विवि में छात्र संघ चुनाव में एनएसयूआई के जीते हुए प्रत्‍याशियों से भी मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। कांग्रेस महासचिव सीएए के विरोध के दौरान भड़की हिंसा में मारे गए युवक के परिजन से भी मिल सकती हैं।

प्रियंका का काशी का चौथा दौरा

पिछले साल लोकसभा चुनाव से पहले जनवरी में प्रियंका को कांग्रेस का महासचिव बनाया गया था। तब से उनका चौथा वाराणसी दौरा है। प्रियंका के दौरे को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन अलर्ट है। पूर्व विधायक अजय राय ने बताया कि प्रियंका वाराणसी में करीब तीन घंटे रहेंगी। राजघाट स्थित रविदास मंदिर में पूजा के बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और महिलाओं से बात करेंगी। साथ ही में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में बुधवार को हुए छात्रसंघ चुनाव में जीते प्रत्याशियों से भी मिलेंगी।

बेनियाबाग से हुई थी 56 प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी
धारा 144 प्रभावी होने के बावजूद 19 दिसंबर को बेनियाबाग के पास नागरिकता कानून के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन किया था। पुलिस ने यहां से 56 लोगों की गिरफ्तारी की थी। जिन पर निषेधाज्ञा के उल्लंघन, हिंसा भड़काने जैसी धाराएं लगाई गई थीं।

6 माह पहले वाराणसी आई थीं प्रियंका
प्रियंका इससे पहले 19 जुलाई को वाराणसी आई थीं। उन्होंने सोनभद्र के उंभा गांव में जमीनी विवाद को लेकर हत्याकांड के पीड़ितों से बीएचयू के ट्रामा सेंटर में मुलाकात की थी। उससे पहले प्रियंका गांधी लोकसभा चुनाव के दौरान 16 मई को कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय के लिए रोड शो करने आयी थीं। लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान 20 मार्च को वे गंगा यात्रा करते हुए प्रयागराज से वाराणसी पहुंची थीं।

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