भोपाल. मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपी पीएससी) की राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2019 रविवार को भोपाल जिले के 69 केंद्रों पर होगी। इसमें 31 हजार 88 उम्मीदवार शामिल होंगे। यह उम्मीदवार
जूते-मोजे पहनकर परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। यह निर्णय शुक्रवार को संभागायुक्त सभाकक्ष में परीक्षा की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में ठंड को देखते हुए कमिश्नर कल्पना श्रीवास्तव ने लिया है। वहीं राज्य के अन्य जिलों में प्रशासन को मौसम के अनुसार निर्णय लेने के लिए कहा गया है। 

दरअसल, पहले निर्णय लिया गया था कि अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र पर टोपी, घड़ी और जूते-मोजे स्वेटर-जैकेट पहनकर नहीं जा सकेंगे, लेकिन ठंड को देखते हुए पीएससी ने इसमें बदलाव किया है। पीएससी ने स्वेटर-जैकेट और जूते के मामले में अधिकार जिला प्रशासन को सौंप दिया था। इसके बाद कमिश्नर श्रीवास्तव ने ठंड की स्थिति को देखते हुए भोपाल जिले के उम्मीदवारों को यह राहत दी है। पीएससी ने प्रदेशभर में 892 परीक्षा केंद्र बनाए हैं, जिनमें 3 लाख 66 हजार 453 अभ्यर्थी शामिल होंगे।

नकल रोकने के लिए हर जिले के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड बनाए गए हैं। पहली बार इन स्क्वायर्ड के साथ वीडियोग्राफर भी चलेंगे, जो परीक्षा केंद्र की वीडियोग्राफी करेंगे। वहीं किसी भी तरह की गड़बड़ी, फर्जीवाड़े और नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों पर एंट्री से पहले अभ्यर्थियों की सख्त चैकिंग होगी। महिला अभ्यर्थी भी बालों में बांधने का क्लैचर, बकल नहीं पहन सकेंगी। मंगल सूत्र, कान की बालियों और चूड़ियों की भी बारिकी से जांच की जाएगी। कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस साथ ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। पीएससी की सचिव रेणु पंत के अनुसार तैयारी पूरी हो गई है।

परीक्षा केंद्रों पर चिकित्सक मौजूद रहेंगे
राज्य लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2019 के दोनों सत्रों में परीक्षा केन्द्रों पर मेडिकल किट सहित डाक्टरों की तैनाती रहेगी। आयोग ने इस संबंध में गाइड लाइन जारी कर दी है। इसके अनुपालन में परीक्षा केन्द्रों पर 12 जनवरी की प्रातः 8 बजे से परीक्षा समाप्ति तक मेडिकल किट सहित डॉक्टर व एम्बुलेंस उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया गया है

ऐसा रहेगा पैटर्न, दो पेपर होंगे, सिविल सर्विसेस एप्टिट्यूड में 40 अंक जरूरी
533 पदों के लिए हो रही राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा में दो पेपर होंगे। पहला परचा जनरल स्टडीज का 200 अंकों का होगा, जबकि दूसरा परचा सिविल सर्विसेस एप्टिट्यूड टेस्ट का रहेगा। यह भी 200 अंकों का होगा। इसमें न्यूनतम 40 अंक लाना जरूरी है। एमपी-पीएससी विशेषज्ञ नेहा शर्मा के अनुसार इस साल करंट इश्यू बेस्ड परचा रहने की संभावना है। परीक्षा पैटर्न पुराना ही है, उसमें इस परीक्षा में बदलाव नहीं किया गया है।

533 पद हो गए, शुरू में 330 पदों का आया था विज्ञापन
पीएससी ने पहली बार 330 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया था, फिर 59 और उसके बाद 145 पद बढ़ाए गए। एक पद निरस्त भी किया गया, इसलिए कुल 533 पद हैं। राज्य सेवा परीक्षा चूंकि एक साल देरी से हो रही है, इसलिए इस बार अभ्यर्थियों की संख्या 3 लाख से ज्यादा हैं।

ओएमआर शीट की वीडियोग्राफी नहीं
वीडियोग्राफी को लेकर भी पीएससी ने कुछ निर्देश दिए हैं। इसके तहत वीडियोग्राफी में किसी भी अभ्यर्थी की ओएमआर शीट की तरफ फोकस नहीं होगा। जहां-जहां फ्लाइंग स्क्वॉड जाएगा, वहीं वीडियोग्राफी होेगी।

रिजल्ट भी एक माह में आएगा, चार माह के अंदर मुख्य परीक्षा
राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा के बाद रिजल्ट एक महीने के अंदर जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद अप्रैल-मई में मुख्य परीक्षा भी हो जाएगी। पीएससी की तैयारी है कि हर हाल में सितंबर तक इंटरव्यू और अक्टूूबर तक नियुक्ति प्रक्रिया भी पूरी हो जाए, ताकि अगली परीक्षा समय पर हो सके।

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