रेल नेटवर्क की बेहद खास बातें, जिनसे लाखों भारतीय हैं अनजान

tatpar 12 july 2013

भारतीय रेल की दुनिया में आज एक अलग पहचान है। अपने नेटवर्क से लेकर पहुंच तक कई मामलों में बाकी देश हमारे यहां की रेल का लोहा मानते हैं। अमेरिका जैसे बड़े देशों ने भारतीय रेलवे के बिजनेस मॉडल को समझने के लिए कई रिसर्च तक किए हैं। आज हम आपको इसी भारतीय रेल के बारे में कई ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जो हमारे यहां की रेल को दुनिया का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क बनाता है।

हर दिन यात्री 2.20 करोड़.

रोजाना माल ढुलाई 26 लाख टन.

2,29,381 मालवाही वैगन.

59,713 पैसेंजर कोच.

9,213 इंजन.

14 लाख कर्मचारी.

2011-12 में कमाई

82,787 करोड़ रुपये.

यात्री भाड़े से 22,100 करोड़ रुपये.

माल भाड़े से 60,687 करोड़ रुपये.

रेलवे पर बोझ
*    डीजल के दाम में इजाफे से लागत 75 फीसदी बढ़ी.
*    रेलवे कर्मचारियों की लागत में इजाफे से वित्तीय दबाव.
*    परिचालन अनुपात में गिरावट
2006-07- 78.7%
20011-12- 95%
*    रेल आधुनिकीकरण और निवेश से जीडीपी में 1.5%से 2% इजाफा होगा.
*  रेल आधुनिकीकरण से इकोनॉमी आठ से नौ फीसदी और बढ़ेगी.

सुधारने की जरूरत

* रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर
* सेफ्टी स्टैंडर्ड
* परिचालन क्षमता
* बेहतर सर्विस
* डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर काम तेज

जनता चाहे
* सेफ्टी और मॉडर्नाइजेशन
* 180 से 200 किमी. रफ्तार वाली ट्रेनें
* बेहतर सिग्नल प्रणाली
* जीपीएस आधारित ट्रेन कोच
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भारतीय रेल
रेल मंत्री ने किया और करेंगे

* जनवरी में यात्री किराया 21 फीसदी बढ़ा
* 6600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय
* किराये में और बढ़ोतरी की उम्मीद
* अतिरिक्त 3300 करोड़ रुपये जुटाएंगे
* कैटरिंग सर्विस को बेहतर करेंगे
* नए स्टेशनों के विकास पर जोर होगा
लगभग 100 नई ट्रेनें चलाने की उम्मीद
* राजस्थान में 1000 करोड़ रुपये से मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट लगेगी
* भेल और राजस्थान सरकार से करार के बाद हर साल 400 कोच का निर्माण.