पटना (पंकज कुमार सिंह) . वित्तरहित कॉलेजों के 8000 शिक्षकों और 9000 शिक्षकेतर कर्मियों काे 9 साल बाद मार्च में अनुदान मिलेगा। होली के पहले अनुदान राशि कॉलेजों को आवंटित कर देने का लक्ष्य रखा गया है। इसको लेकर विभाग की तैयारी अंतिम चरण में है। अब तक विभिन्न विश्वविद्यालयों से मिली रिपोर्ट और वित्तरहित कॉलेजों के कागजात की जांच के बाद लगभग 200 कॉलेजों की सूची तैयार की गई है। लगभग 2 दर्जन ऐसे कॉलेज हैं, जिन्होंने कई मौके देने के बाद भी कागजात में सुधार नहीं कराया, ऐसे कॉलेजों को अनुदान नहीं मिलेगा। राज्य में 227 वित्त रहित कॉलेज हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. रेखा कुमारी ने बताया कि मार्च के प्रथम सप्ताह से अनुदान भेजा जाएगा।

स्नातक के रिजल्ट के अाधार पर मिलेगी राशि

स्नातक परीक्षा के रिजल्ट के आधार पर अनुदान देने का प्रावधान है। ग्रेजुएशन में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण प्रत्येक छात्र-छात्रा के लिए 8500, द्वितीय श्रेणी के लिए 8000 और तृतीय श्रेणी के लिए 7500 रुपए की दर से राशि देने का प्रावधान है। 

इस बार वित्तरहित कॉलेजों को 624 करोड़ रु. मिलेंगे

2009-12 सत्र और इसके बाद की अनुदान राशि वित्त रहित कॉलेजों का बकाया है। सरकार ने इन वित्त रहित कॉलेजों को अनुदान मद में 500 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान किया है। इसके पहले सरकार ने 2011 में सत्र 2008-2011 के लिए भेजी गई राशि में 124 करोड़ की राशि बची हुई है। यानी वित्त रहित कॉलेजों को अनुदान देने के लिए सरकार के पास 624 करोड़ की राशि है।

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