समय से पूरी की जाएँ सभी सीवरेज परियोजनाए : सीएम

भोपाल । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में स्वीकृत सभी सीवरेज परियोजनाओं का कार्य समय से पूर्ण किया जाए। परियोजनाओं को स्वीकृत करने से पहले उनकी उपादेयता सुनिश्चित करली जानी चाहिए। जनता के धन का बिल्कुल भी अपव्यय नहीं होना चाहिए। कार्यों की गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में प्रदेश की नगरीय सीवेरज परियोजनाओं के कार्य एवं प्रगति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  भूपेन्द्र सिंह, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन  मनीष सिंह, आयुक्त नगरीय विकास  निकुंज श्रीवास्तव आदि उपस्थित थे।

5 हजार 631 करोड़ की सीवरेज परियोजना

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्ष 2015 से अभी तक 5,631 करोड़ रूपए की लागत की 54 सीवरेज परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 10 पूर्ण हो गई हैं, 37 प्रगतिरत है तथा 7 परियोजनाओं की निविदा/डीपीआर प्रक्रिया जारी है। इन परियोजनाओं में अभी तक कुल 2,863 करोड़ रूपए व्यय किए जा चुके हैं।

1159.44 करोड़ की 10 सीवेरज परियोजनाएँ पूर्ण

प्रदेश में 1159.44 करोड़ लागत की 10 सीवरेज परियोजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं। ये परियोजनाएँ सीहोर, विदिशा, खरगोन, देवास, इंदौर (दो परियोजनाएँ), ग्वालियर (मुरार), मुरैना, बुरहानपुर तथा नीमच जिलों में है।

13 परियोजनाएँ मार्च 2022 तक पूर्ण करने का लक्ष्य

13 सीवरेज परियोजनाएँ जून 2021 से मार्च 2022 तक पूरी कर ली जाएंगी। ये परियोजनाएँ हैं ग्वालियर (लश्कर-3, लक्ष्य जून-2021), रतलाम, धरमपुरी, बुधनी (लक्ष्य सितम्बर 2021), भिंड, अमरकंटक, ओंकारेश्वर (लक्ष्य दिसम्बर 2021) दतिया, गुना, भोपाल (कोलार), भोपाल (भोजवैटलेंड), अंजड तथा छिंदवाड़ा (लक्ष्य मार्च 2022)।

22 परियोजनाएँ मार्च 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य

प्रदेश की 22 सीवरेज परियोजनाएँ जून 2022 से मार्च 2023 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य हैं। ये परियोजनाएं हैं सागर, जबलपुर, उज्जैन, भोपाल (शाहपुरा), सांईखेड़ा, बड़वाह, महेश्वर, नसरूल्लागंज, शाजापुर, मंडलेश्वर, चित्रकूट, डिंडोरी, नेमावर (लक्ष्य जून 2022), भेड़ाघाट (लक्ष्य सितम्बर 2022), कटनी, सिंगरौली, होशंगाबाद, बड़वानी, सेंधवा, नरसिंहपुर, मंडला, (लक्ष्य दिसम्बर 2022) तथा रीवा परियोजना (लक्ष्य मार्च 2023)।