धर्मशाला. मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। इस दिशा में किसान संगठनों और स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण, कृषि विविधिकरण योजनाओं को लागू करने और मूल्यवर्धन आदि पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सोमवार को धर्मशाला में ‘फसल विविधिकरण का किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा पर प्रभाव’ विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यशाला का आयोजन प्रदेश के कृषि विभाग ने किया।

जयराम ठाकुर ने कहा- प्रदेश के अधिकांश किसान लघु एवं सीमांत हैं। कृषि विभाग ने कृषि विविधिकरण के लिए पांच जिलों में ऋण परियोजना ‘जीका’ प्रस्तावित की है। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य कृषि विविधिकरण के माध्यम से सब्जियों का उत्पादन बढ़ाना, सीमांत एवं लघु किसानों की आमदनी में वृद्धि, सिंचाई के लिए अधोसंरचना स्थापित करना, विपणन, खेतों तक सड़क सुविधा और कृषि विकास संस्थाओं की स्थापना है। इस परियोजना को जीका के तकनीकी सहयोग परियोजना (टीसीपी) के सहयोग से कार्यान्वित किया जा रहा है।

सीएम ने कहा- सिंचाई सुविधा प्राप्त होने और सब्जियों के उत्पादन में वृद्धि से किसानों की आय बढ़ी है। इस परियोजना के अंतर्गत कृषि विविधिकरण योजना का कार्यान्वयन प्रगति पर है और अधिकांश स्थानों पर संग्रहण केंद्रों के निर्माण, सड़कों की पहुंच, सोलर पंपिंग प्रणाली, लघु सिंचाई सुविधाओं, पॉली हाउस, केंचुआ खाद इकाइयों आदि का कार्य पूरा हो चुका है और शेष कार्य शीघ्र ही पूरा किया जाएगा।

इस मौके पर शहरी विकास एवं आवास मंत्री सरवीन चैधरी, स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार, विधायक रवि धीमान एवं विशाल नेहरिया, हिमाचल प्रदेश फसल विविधिकरण प्रोत्साहन परियोजना-जीका के मुख्य परियोजना सलाहकार डॉ. जेसी राणा उपस्थित रहे। आभार कृषि विभाग के निदेशक डॉ. आरके कौंडल ने जताया।

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