निर्वाचन प्रक्रिया में सहभागिता हर नागरिक का कर्तव्य: राज्यपाल श्री पटेल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि देश की प्रगति को दिशा देने के लिए लोकतंत्र का मजबूत होना जरूरी है। लोकतंत्र की मजबूती का आधार ईमानदार, नीति और कर्तव्यपरक मतदाता ही है। इसके लिए जरूरी है कि कोई भी पात्र मतदाता मताधिकार से वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराना और मतदान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता के लिए नागरिकों को प्रेरित करना सामूहिक जिम्मेदारी है।

राज्यपाल श्री पटेल रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 16वें मतदाता दिवस के राज्य और जिला स्तरीय संयुक्त समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, आयोग के स्वीप आईकन अभिनेता श्री गोविंद नामदेव, श्री राजीव वर्मा, सुश्री संजना सिंह और सुश्री देशनाजैन मंचासीन थे।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा है कि लोकतंत्र में मताधिकार की पहुंच का स्तर व्यापक होना जरूरी है। उन्होंने कारावास के बंदियों को मताधिकार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नियमों का परीक्षण करने और आवश्यक व्यवस्थाएं करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करना है। प्रत्येक नागरिक को उसके अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और समयबद्ध ढ़ंग से करने के लिए आयोग को बधाई दी। राज्यपाल श्री पटेल कहा कि मतदाता जागरूकता तथा समावेशन प्रयासों में ग्रामीण, शहरी क्षेत्रों के साथ ही दिव्यांगजनों, ट्रांसजेंडर समुदाय, वंचित वर्गों की सहभागिता के लिए नवाचार के विशेष प्रयास किए जाएँ। उन्होंने कहा कि देशवासियों के लिए हर्ष और गर्व की बात है कि भारत इस वर्ष इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस (IDEA) की अध्यक्षता कर रहा है।

राज्यपाल ने 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर उपस्थित जनों को मतदाता शपथ दिलाई। राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2026 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, मास्टर ट्रेनर्स, बूथ लेवल ऑफिसर्स एवं स्वयं सेवकों को सम्मानित किया। प्रदेश के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले 10 युवाओं को इपिक कार्ड प्रदान किए। राज्यपाल ने अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

आयुक्त राज्य निर्वाचन आयोग श्री मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि मतदाता दिवस का आयोजन नागरिकता के सतत सम्मान और गणतंत्र को सुदृढ़ करने की भावना से किया जाता है। गणतंत्र की वास्तविक शक्ति मतदाताओं में निहित है। नागरिक राज्य से पहले आते हैं। जब नागरिक अपने दायित्वों का पालन करते हैं, तभी उन्हें अपने अधिकारों की सार्थक प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान भारत के लोकतंत्र की नैतिक आधारशिला को मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल है। विश्व के अन्य देशों में इस स्तर का व्यापक भौतिक सत्यापन नहीं होता, यही कारण है कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने इस नवाचार की सराहना की है।

पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ओ.पी. रावत ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने प्रारंभ से ही निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव के उच्च मानदंड स्थापित किए। उन्होंने प्रथम आम चुनाव की चुनौतियों का स्मरण किया और कहा कि देशवासियों के मनोबल से देश निरंतर स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन के उच्चतम मानदण्डों को प्राप्त कर रहा है। विश्व के अनेक देशों द्वारा हमारी चुनाव प्रणाली का अनुकरण करना हम सभी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने स्वतंत्र निष्पक्ष निर्वाचन व्यवस्थाओं के लिए निर्वाचन कार्य से जुड़ें सभी अधिकारी कर्मचारियों को बधाई दी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री संजीव झा ने बताया कि 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर राज्य और जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। मतदान केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों में मतदाता शपथ दिलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची चुनाव की सफलता का आधार है। विशेष गहन पुनरीक्षण में 5.74 करोड़ गणना पत्रक डिजिटाइज किए गए हैं। डिजिटल मैपिंग में अन्य राज्यों के अनुभव भी शामिल किए गए हैं। प्रारूप प्रकाशन के बाद अब तक 8 लाख से अधिक नए मतदाताओं के आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भेंट किया। आभार प्रदर्शन प्रभारी कलेक्टर भोपाल सुश्री संस्कृति जैन ने किया।

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